Loot Liya Jab Apno Ne Shayari

Loot Liya Jab Apno Ne
जब अपनों ने ही लूट लिया,क्या शिकवा करूँ मैं ओरो पर !!बाहर से प्यार जताते थे,अंदर से नफ़रत जोरों पर !!अरे मिल कर बात सुलझा लेते,ना आती दरार इन रिश्तों पर !!अरे कौन सी दुश्मनी निकालते हो,सच बताओं तुम इन किश्तों पर !!